सुचना: प्रिय मैथिल बंधूगन, किछ मैथिल बंधू द्वारा सोसिअल नेटवर्क (फेसबुक) पर एक चर्चा उठाओल गेल " यो मैथिल बंधूगन कहिया ई दहेजक महा जालसँ मिथिला मुक्त हेत ?" जकरा मैथिल बंधुगणक बहुत प्रतिसाद मिलल! तहीं सँ प्रेरीत भs कs आय इ जालवृतक निर्माण कएल गेल अछि! सभ मैथिल बंधू सँ अनुरोध अछि, जे इ जालवृत में जोर - शोर सँ भागली, आ सभ मिल सपथ ली जे बिना इ प्रथा के भगेना हम सभ दम नै लेब! जय मैथिली, जय मिथिला,जय मिथिलांचल!
नोट: यो मैथिल बंधुगन आओ सभ मिल एहि मंच पर चर्चा करी जे इ महाजाल सँ मिथिला कोना मुक्त हेत! जागु मैथिल जागु.. अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर प्रकट करू! संगे हम सभ मैथिल नवयुवक आ नवयुवती सँ अनुरोध करब, जे अहि सबहक प्रयास एहि आन्दोलन के सफलता प्रदान करत! ताहीं लेल अपने सभ सबसँ आगा आओ आ अपन - अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर राखू....

मंगलवार, 10 जनवरी 2012

दहेज़ मुक्त मिथिला

दहेज़ मुक्त मिथिला

जागु मैथिल मिथिलावाशी ,
बेटी के करू सम्मान ,
भेदभाव नै बेटा बेटी में दुनु एक सामान
दहेज़ मुक्त मिथिला के अभियान ...........
दहेजक लेनदेन ब्याब्हार बनल अछि ,
बिबाह ता समाज में ब्यापार बनल अछि
बेटी के दहेज़ नै सिक्छा दिऔ तखने होयत असली कन्यादान
दहेज़ मुक्त मिथिला के अभियान ......
बेटा जनामिते ख़ुशी के बहार आबिया ,
बेटी जनामिते घर में हाहाकार मचैया
गर्भे में नै ह्त्या करू ,
बेटियों अछि अपने संतान
दहेज़ मुक्त मिथिला के अभियान .........
दहेजक कारने कते पुतहु जरैया ,
कते बेटी फांसी लगा मरैया
घरक लक्ष्मी बोझ बनल अछि
बेटा के बेचिए में लोग बुझैय अपन शान
दहेज़ मुक्त मिथिला के अभियान .......
सृस्ती के निर्माणक आधार छित नारी ,
प्रेम , त्याग , शहनशीलता के पहचान छैथ नारी
मिथिला के बेटी के कैर सम्मान ,
बढाबू अपन मिथिला के शान
दहेज़ मुक्त मिथिला के अभियान ....
रचना:-
करुना झा
बिरठ्नगर

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मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

आयब अपनो सभ सौराठ सभाके काल यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

फेरो लगतैय एहिठाम मेला,
बनतैय मिथिला नव-नवेला,
आयब एकबेर एहि पावन भूमि बाबाधाम यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

बनतैय वैह सुनर देव-मन्दिर,
फेरो आयत भूदेवक भीड़,
बनतै सुन्दर जोड़ी मिथिलाके महान्‌ यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

देखियौ केना डेराइ छै दुर्जन,
लगबैय दोख दहेजक दुश्मन,
लेकिन आब हेतय दहेज मुक्त विवाह यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

छलखिन बड़ दूरदर्शी बाबा,
लगौलनि एहिठाम सुनर इ भेला,
होइ कुटमैती देखि-देखी के खनदान यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

आइ मिथिला जानि कते पाछू,
दुनिया में सभ बनलैय आगू,
बेटी पर अछि झूठ दहेजक लाद यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

आउ मिलि शपथ लियऽ यौ भाइ सभ,
आयब जानि-बूझि एहि भू पर,
बनेबैय स्वच्छ-समृद्ध ओ सुन्दर धाम यौ,
मैथिल विद्वानक गाम यौ ना!

आयब अपनो सभ ....
प्रवीण नारायण चौधरी
 

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