सुचना: प्रिय मैथिल बंधूगन, किछ मैथिल बंधू द्वारा सोसिअल नेटवर्क (फेसबुक) पर एक चर्चा उठाओल गेल " यो मैथिल बंधूगन कहिया ई दहेजक महा जालसँ मिथिला मुक्त हेत ?" जकरा मैथिल बंधुगणक बहुत प्रतिसाद मिलल! तहीं सँ प्रेरीत भs कs आय इ जालवृतक निर्माण कएल गेल अछि! सभ मैथिल बंधू सँ अनुरोध अछि, जे इ जालवृत में जोर - शोर सँ भागली, आ सभ मिल सपथ ली जे बिना इ प्रथा के भगेना हम सभ दम नै लेब! जय मैथिली, जय मिथिला,जय मिथिलांचल!
नोट: यो मैथिल बंधुगन आओ सभ मिल एहि मंच पर चर्चा करी जे इ महाजाल सँ मिथिला कोना मुक्त हेत! जागु मैथिल जागु.. अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर प्रकट करू! संगे हम सभ मैथिल नवयुवक आ नवयुवती सँ अनुरोध करब, जे अहि सबहक प्रयास एहि आन्दोलन के सफलता प्रदान करत! ताहीं लेल अपने सभ सबसँ आगा आओ आ अपन - अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर राखू....

मंगलवार, 5 जुलाई 2011

दहेज मुक्त मिथिलाके भविष्य - प्रवीण चौधरी..

बंधुगण! इ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण विन्दु अछि जाहि पर दहेज मुक्त मिथिलाके वर्तमान सदस्यके संगहि अन्य महानुभाव सभ सेहो विचार करी। जाबत धरि निम्न विन्दु ऊपर संस्थाके वर्तमान अबस्था अहाँ सभ के स्पष्ट नहि होयत, एकर भविष्य निर्धारण करब बहुत मुश्किल बुझा रहल अछि।

१. कार्यकर्ता: एखन धरि के अबस्था एहेन अछि जे हमरा लोकनि... छिटफूट किछु प्रतिबद्ध लोक एहिमें अपन समय, धन आ विचार लगा रहल छी। कोनो समय यदि १० कार्यकर्ता एक ठाम बैसयके योजना बनायब आ किछु आगामी समयके लेल विचार करब से संभव नहि अछि, अनेको कारण सऽ।

२. केन्द्र: यथार्थके धरातलपर एकर केन्द्र पंजी भवन, सौराठ सभागाछी अछि - मुदा फेशबुकपर एकर केन्द्र इ ग्रुप याने दहेज मुक्त मिथिला अछि। यथार्थके केन्द्रपर केवल दू-चारि गोटे तत्पर छथि - हुनको तत्परता में एतेक मर्म छन्हि जे हम मने मन हुनका सभके बेर-बेर प्रणाम करैत छी। हमर हार्दिक इच्छा अछि जे केन्द्रके कार्यालयके व्यवस्थित करैक लेल एक कंप्युटर के परम आवश्यकता छैक आ श्री प्रकाश चौधरीजीके अध्यक्षतामें एहि कार्यालयके सुचारू रूप सऽ कार्यान्वयन कैल जयबाक चाही। हलाँकि प्रकाश भाइ आइ तीन महीना सऽ अपन अमूल्य योगदान देलाह छथि, अपन जे एक छोट-छिन फोटोग्राफीके दोकान छलन्हि सेहो बन्द भऽ गेलन्हि अछि, बहुत समस्याके भीतरे-भीतर पिबैतो ओ दहेज मुक्त मिथिलाके लेल अपन अमूल्य योगदान देलाह, एकर आभार हमरा लोकनि कहियो नहि उतारि सकब। लेकिन आगामी समयके लेल हिनकर समयके समुचित ढंग सऽ लैक लेल संस्थाके प्रतिबद्ध संचालक सदस्य सभ एक बान्हल योगदान यदि देथिन तखनहि संभव छैक जे कार्यालय निरंतर चलतैक - फेशबुकके केन्द्र सऽ यथार्थके केन्द्रके बीच सामंजस्य रहतैक आ सरकारी कोष संग जुड़ैके सेहो प्रयास हेतैक। गाम-गाम एहि बात के चर्चा पहुँचतैक। हरेक सप्ताह नव-नव गामके जोड़ल जेतैक। एहि सभ के लेल एक समुचित कोष के आधार कि तऽ?

३. कोष: यैह प्रमुख विन्दु थीक। शुरु कैल, सदस्यता शुल्क मात्र कोषके आधार बनाओल। तदोपरान्त किछु सक्षम सदस्य अपन व्यक्तिगत अनुदान राशि सऽ एहि संस्थाके मजबूती देबाक चेष्टा करैत रहलाह छथि। आगुओ हिनकहि तैयार रहय पड़तन्हि... ताबत, जाबत इ संस्था एक गैर सरकारी संगठन बनिके नहि सामने अबैछ आ एकर कारोबार सरकारी योजनानुसार नहि चलय लगैछ। एहि में कम से कम ६ महीना के समय मानल जाउ। पहिले पंजियन, फेर कम से कम ४०-५० गाम में संस्थाके सदस्यताके निर्माण। तदोपरान्त एक आमसभा - फेर कार्यक्रम योजना, कोषके व्यवस्थापन, कार्यान्वयन, आदि अनेक तत्त्वपर विचार करैत प्रोजेक्ट पेश केनै आ सरकारी योजनाके अन्तर्गत समाजमें जागृति पसारयके काज के संग-संग दहेज मुक्त मिथिलाके अपन जे किछु योजना हेतैक से सभ शुरु कैल जेतैक। सभ मिला के यदि एखन १० सदस्य ५००/- महीना के अनुदान उपलब्ध करौता, तखनहि संभावना प्रबल बनैछ जे संस्थाके प्राणाधार बनल रहतैक। आब एहेन १० सदस्य के तऽ??

४. कार्यक्रम योजना: शुरुमें हमरा लोकनिक योजना एहेन छल जे फेशबुक के पेज सऽ १०० लड़का दहेज मुक्त विवाह करनिहार एता - अनेरौ सऽ समूचा मिथिलामें इ खबर इजोत जेकाँ पसरतैक आ ताहि क्रममें संगठन स्वतः लोकके विश्वास जितैत बनतैक... लेकिन... अपने लोकनि जनैत छी जे एहेन किछु नहि भेलैक। गप मारऽ के अलावा ओहि विन्दुपर कोनो उल्लेखणीय कार्य प्रतिबद्ध सदस्य द्वारा नहि कैल गेल। दोष केकरो नहि, समय के फेरी कहल जाय। पुनः हम सभ प्रतिबद्ध छी जे अगिला साल तक कम से कम १०० दहेज मुक्त विवाह अवश्य कराओल जाय। बहुत लगन सऽ हम सभ लागल छी, बहुत लोक हमरा संग सेहो सम्पर्क में आयल छथि आ उम्मीद अछि जे ईश्वर-कृपा सऽ इ योजना अगिला साल तक सफल होइ। मुदा एकर सफलता तखनहि हेतैक जखन हम सभ छोट-छोट कार्यक्रम अनेको जगह करबा सकी। जेना हम गछने छी जे दिसम्बरमें बिराटनगरमें सौराठके प्रतिकात्मक पुनरावृत्ति करेबैक आ जागृति करैत आह्वान करबैक जे दहेज मुक्त विवाह करनिहार हमरा सभ संग जुड़ैथ आ सौराठ एहेन महत्त्वपूर्ण पारंपरिक संस्था सभके मिलि-जुलिके सम्हारै जाउ। एहि तर्जपर दिल्ली, पटना, कलकत्ता, मुंबई, वापि, चेन्नै, बंगलोर, रायपुर, आदि दूरस्थ जगह के संग-संग मिथिलाके अनेको क्षेत्रमें कार्यक्रम करबैत एक आम आह्वान करबैक आ इ काज प्रत्येक महीना होइक से योजना छैक। यदि पंजियन प्रक्रिया भऽ जेतैक तखन जल्दिये कला-संस्कृति विभाग द्वारा सेहो पूर्ण सहयोग भेटतैक, इ आशा अछि।

५. क्रियान्वयन: उपरोक्त बहुत विन्दुपर यदि दहेज मुक्त मिथिला सक्षम होइछ, तऽ क्रियान्वयन में समस्या नहि हेतैक इ उम्मीद राखै जाउ। यदि वास्तवमें लोक में दहेज प्रति विछोह छैक, आ सत्यके धरातल पर परिवर्तन चाहैत छथि, तऽ अपन उर्जा के संस्थाके उर्जामें समाहित करैत आगू बढैत रहबाक प्रतिबद्धता अवश्य जाहिर हेतैक आ सफलतापूर्वक सभ कार्यक्रम के क्रियान्वयन कैल जा सकैछ। एकर सुखद परिणाम इ हेतैक जे लोकमें विश्वास आ उम्मीद दुनू बढतैक - सब सऽ बेसी परिवर्तन एतैक हताश बेटी आ बहिनमें - कारण ओकर अबस्था जे एक मूक दर्शक के छैक ताहिमें बोली एवं हिम्मत आबैक पूर्ण संभावना छैक।

बंधुगण! उपरोक्त ५ महत्त्वपूर्ण विन्दुमें अपने लोकनि कतय आ केना योगदान दऽ सकैत छी से स्वयं निर्णय करू। दहेज मुक्त मिथिलाके भविष्य के निर्धारण अहीं सभके हाथ में अछि।

जय मैथिली! जय मिथिला!!

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