सुचना: प्रिय मैथिल बंधूगन, किछ मैथिल बंधू द्वारा सोसिअल नेटवर्क (फेसबुक) पर एक चर्चा उठाओल गेल " यो मैथिल बंधूगन कहिया ई दहेजक महा जालसँ मिथिला मुक्त हेत ?" जकरा मैथिल बंधुगणक बहुत प्रतिसाद मिलल! तहीं सँ प्रेरीत भs कs आय इ जालवृतक निर्माण कएल गेल अछि! सभ मैथिल बंधू सँ अनुरोध अछि, जे इ जालवृत में जोर - शोर सँ भागली, आ सभ मिल सपथ ली जे बिना इ प्रथा के भगेना हम सभ दम नै लेब! जय मैथिली, जय मिथिला,जय मिथिलांचल!
नोट: यो मैथिल बंधुगन आओ सभ मिल एहि मंच पर चर्चा करी जे इ महाजाल सँ मिथिला कोना मुक्त हेत! जागु मैथिल जागु.. अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर प्रकट करू! संगे हम सभ मैथिल नवयुवक आ नवयुवती सँ अनुरोध करब, जे अहि सबहक प्रयास एहि आन्दोलन के सफलता प्रदान करत! ताहीं लेल अपने सभ सबसँ आगा आओ आ अपन - अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर राखू....

बुधवार, 13 जुलाई 2011

दहेज़ के विरोध

 
मिथिला स दहेज़ हटाबू
 मिथिलानी के जान बचाबू
 हम सब करब मिथिला के फेर निर्माण
जाही में युवक करत अपन कल्याण
भेटत ओहने फेर सम्मान
... जीवन के छी जोर अनेक
 ओही में दहेज़ अछी राक्षस एक
एकरा मरू जूता चारी
दहेज नै फोरत फेर कपारी
जगु युवक करू मिथिला के सम्मान
नहीं त भात्काब एहिना आन थम
चालू एक बेर रंग देखाबू
मिथला महँ अछी एकरा अपन
बुद्रुक बुदृकिया के समझबू
जय  मिथिला जय  हिंद
आनंद झा

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