सुचना: प्रिय मैथिल बंधूगन, किछ मैथिल बंधू द्वारा सोसिअल नेटवर्क (फेसबुक) पर एक चर्चा उठाओल गेल " यो मैथिल बंधूगन कहिया ई दहेजक महा जालसँ मिथिला मुक्त हेत ?" जकरा मैथिल बंधुगणक बहुत प्रतिसाद मिलल! तहीं सँ प्रेरीत भs कs आय इ जालवृतक निर्माण कएल गेल अछि! सभ मैथिल बंधू सँ अनुरोध अछि, जे इ जालवृत में जोर - शोर सँ भागली, आ सभ मिल सपथ ली जे बिना इ प्रथा के भगेना हम सभ दम नै लेब! जय मैथिली, जय मिथिला,जय मिथिलांचल!
नोट: यो मैथिल बंधुगन आओ सभ मिल एहि मंच पर चर्चा करी जे इ महाजाल सँ मिथिला कोना मुक्त हेत! जागु मैथिल जागु.. अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर प्रकट करू! संगे हम सभ मैथिल नवयुवक आ नवयुवती सँ अनुरोध करब, जे अहि सबहक प्रयास एहि आन्दोलन के सफलता प्रदान करत! ताहीं लेल अपने सभ सबसँ आगा आओ आ अपन - अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर राखू....

शुक्रवार, 4 मार्च 2011

दहेज़ मुक्त मिथिलाक उद्येश,....

दहेज़ मुक्त मिथिलाक उद्येश,.....

किछु दिन पहिने जितमोहन जी के एकता पोस्ट वोइस ऑफ़ मिथिला पैर आयल, जे आई प्रकार सँ छल:-

आय हम मैथिल बंधूक माध्यमसँ ई जानैक इच्छुक छी जे..

मिथिलाक नाम पर बहुत आन्दोलन चैल रहल अछि!

मुदा की मिथिला में दहेज़ प्रथाक लेल कुनू आन्दोलन चलत ?? यो मैथिल बंधूगन कहिया ई दहेजक महा जालसँ मिथिला मुक्त हेत... ??


अई विषय पर बहुत रास प्रतिक्रिया आयल, किछु उत्साहित किछु, किछु व्यंगात्मक, किछु प्रश्नवाचक,

किछु नवयुवक एहन छाला जे आपन जीवन में बहुत नीक मुकाम पर छैथ ऑओ अपन जीवन के निर्णय

अपने लेवा में पूर्ण सक्षम छैथ, जखन ओ सब आई विषय के समर्थन केला की मिथिला के दहेज़

मुक्त कायल जाय, तखन त छाती ३६ इंची भा गेल, मुदा अई विषय में एक त मुख्य गप जे सामने आयल ओ

इ की जे कियो बिना दहेज़ के विवाह करता से कनिया मनपसंद करता, बात त बब्बू बर सार्थक थीक, आ

होबाको सहे चाही, ताई पर हमरा लोकिन ई ब्लॉग के निर्माण केना छि, हमरा सब के आशा जे अई मुहीम में

अधिकाधिक नवयुवक आ हुनक माता-पिता जुरैथ आ अई दहेज़ रूपी कलंक के धोबा में सहयोग करी.


हम आपने लोकिन स ईहो आग्रह करब जे "दहेज़ मुक्त मिथिला" विषय पर अपन अपन विचार अवश्य

लिखी.

2 टिप्पणियाँ:

Abhijeet 4 मार्च 2011 को 10:29 pm  

श्री पंकज जी, इ बात किछ आश्चर्यजनक बुझी पड़ी रहल अछि जे "..जे कियो बिना दहेज़ के विवाह करता से कनिया मनपसंद करता..". हम हालाँकि एही विषय पर किछु अल्प-जानकार भ सकैत छि, परन्तु, एकटा प्रश्न उठावैत छि जे मनपसंद कनिया कोन सन्दर्भ में? अहुना, अधिकतर (आ संभवतः सब) विवाह में कम-स-कम वरक पसंद के ख़याल त राखले जाइत होयत, गौर करू, कम-स-कम वरक पसंद, भले ही लड़की के पसंद बुझै के जरूरत नहीं महसूस कैल जाइत अच्छी. और जहाँ तक मनपसंद के गूढ़ अर्थ देखल जाई त, माफ़ करब, कटरीना कैफ या दीपिका पादुकोण त नहीं आयत विवाह के लेल!! काइल भ का अगर उनके बहिन या बेटी के साथ एहने परिस्थिति भ सकैत छि, तखन?? हाँ, लड़की के गुण देखू और ओकर मूल्यांकन करनाई ज्यादा सार्थक रहत. एही स्थिति में, मिथिलाक लड़की सब के सशक्तिकरण, ख़ास क क शिक्षा आ स्वाबलंबन के दिशा में, बहुत जरूरी होयत.
हम उम्मीद करैत छि जे कोई गोते हमर अभिव्यक्ति के निजी रूप में नहीं लेता.
धन्यवाद!

pankaj jha(PK) 5 मार्च 2011 को 12:42 pm  

abhijit ji bahut neek lagal aahak tark, humar ee kahab je manpashand ke paribhasa aaha sundarta maatra sa nai karu, manukhak charitra bhin bhin prakar ke hoi chhai, kiyo rup ke sundar bujhait ta kiyo gun ke, muda ja monak milap apan pasand sa hoyat ta sayad oo dirghayu hoyat, je monak pasand sa viyah karata oo neeshchit rup sa besi sukhi rahata kaka baba ke pasand vala viyah sa, jivan sathi ke sang vichar dhara ke mel bad aawashyak. aa ek ta baat aar katrina aa dipika sa vivah karavak le ranveer aa salmaan seho bana paratain ee ho ta sochu.

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