सुचना: प्रिय मैथिल बंधूगन, किछ मैथिल बंधू द्वारा सोसिअल नेटवर्क (फेसबुक) पर एक चर्चा उठाओल गेल " यो मैथिल बंधूगन कहिया ई दहेजक महा जालसँ मिथिला मुक्त हेत ?" जकरा मैथिल बंधुगणक बहुत प्रतिसाद मिलल! तहीं सँ प्रेरीत भs कs आय इ जालवृतक निर्माण कएल गेल अछि! सभ मैथिल बंधू सँ अनुरोध अछि, जे इ जालवृत में जोर - शोर सँ भागली, आ सभ मिल सपथ ली जे बिना इ प्रथा के भगेना हम सभ दम नै लेब! जय मैथिली, जय मिथिला,जय मिथिलांचल!
नोट: यो मैथिल बंधुगन आओ सभ मिल एहि मंच पर चर्चा करी जे इ महाजाल सँ मिथिला कोना मुक्त हेत! जागु मैथिल जागु.. अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर प्रकट करू! संगे हम सभ मैथिल नवयुवक आ नवयुवती सँ अनुरोध करब, जे अहि सबहक प्रयास एहि आन्दोलन के सफलता प्रदान करत! ताहीं लेल अपने सभ सबसँ आगा आओ आ अपन - अपन विचार - विमर्श एहि जालवृत पर राखू....

शनिवार, 5 मार्च 2011

हम साँच बजैत छी....

हुजूर !
हम साँच साँच बजैत छी
साँच छोड़ी किछ नहि बजैत छी
हम दहेज़ नहि लैत छी .
राति दिन समाज सुधार में व्यस्त
रहैत छी
खाइत छी, पिवैत छी
मस्त रहैत छी
हुजूर ,हम दहेज़ नहि लैत छी.
की बाजलों
बड़का बौआ क व्याह में ?
नै नै जी नै
गलत बुझल अछ अहांके
स्थिति जानल नहि अहांके
टी वी देख बिन चैन नहि
फ्रिज क पानि बिन चैन नहि
से जज साहब !
अपन बेटी के ओ देलन्हि
हुजूर, हम ते नहि लेलहुं
हमरा सन गरीब ओते फ्रिज कत
टी वी कत
बस एकटा बेटा अछि
आला आफिसर
की कहलों गहना जेवर ?
ठीक बाजलों हुजूर
गहना से लादि देलक बाप ओकर
बाजल
अहाँ किछ नहि बाजु
रंग में भंग नहि घोरु
ई स्त्री-धन थीक
हमर बेटीक जीवन थीक
जखन सासुर में दुःख भेटत
जेवर जात स सुख भेटत
सोनाक खान में रहत
चैन क निन्न सूतत
हुजूर हमर की दोष अछि
की बेटी वाला निर्दोष अछि ?
की बाजलों ,छोटका बौआ ?
बेरोजगार ,निर्धन अछ
बस एकटा नौकरीक प्रश्न अछ ...
कोनो कोलेज में डोनेशन द
प्रोफेसरी दिआय दिय
आ की लाख लाख टका दय
सरकारी नौकरी लगाय दिय
बांचल अपन सुख साधन क सामान
ओ स्वयं ल क अओतीह
बेटी अहींक सुख पओतिह
हमर की
हमर ते किस्मत जेहन अछ ओहने
रही जायत.....................

लेखिका : डॉ. शेफालिका वर्मा

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